VISMAYA IN WONDERLAND
VISMAYA IN WONDERLAND CHAPTER 01 राजकुमारी रेवारति के अप्सराओं को भी लज्जित कर देने वाले लावण्य से भरपूर मुखमंडल पर व्याकुलता व्याप्त थी. रात्रि के दो प्रहार बीत चुके थे. राजभवन प्रांगण में पहरा देते प्रहरियों की पदचापें अब मंद पड़ रही थीं. रेवारति मलमल की यवनिकाएँ(drop curtains) हटा कर शयनकक्ष से लगे हुए खुले…
