Blog

Your blog category

  • VISMAYA IN WONDERLAND

    VISMAYA IN WONDERLAND CHAPTER 01   राजकुमारी रेवारति के अप्सराओं को भी लज्जित कर देने वाले लावण्य से भरपूर मुखमंडल पर व्याकुलता व्याप्त थी. रात्रि के दो प्रहार बीत चुके थे. राजभवन प्रांगण में पहरा देते प्रहरियों की पदचापें अब मंद पड़ रही थीं. रेवारति मलमल की यवनिकाएँ(drop curtains) हटा कर शयनकक्ष से लगे हुए खुले…

  • Anaamika Untold

    Anaamika Untold सत्यवीर ने अपना सिंंगल मॉल्ट मैकालन का ग्लास उठाया और उँगलियों के बीच स्टर किया। तरल शराब में पिघलते आइस क्यूबस ग्लास की दीवारों से टकरा कर जो खनक उत्पन्न कर रहे थे वो रूम में रखे विंंटेज विनाइल प्लेयर पर बजते गैरी कोलमैन के जैज़ ‘द स्काई इज़ क्राइंग’ के साथ लयात्मक…

  • Memoir Of A Mirage

    Memoir Of A Mirage 3rd December 2021  डियर डायरी,  आइ फ़ील सो ब्लेस्ड कि आयुष मेरी लाइफ़ में आया. आयुष इज़ सो डिफ़्रेंट फ़्रॉम ऑल द अदर बॉइज़! काश मुझे आयुष पहले मिल जाता, मुझे समझने वाला, मुझे टूट कर प्यार करने वाला, मेरी हर विश पूरी करने वाला…माई ओन पर्सनल विश ग्रांटिंग मशीन! थैंक…

  • Creepy Kritika

    Creepy Kritika calm down कृतिका- ‘हेलो क्रीपर्स! मैं हूँ आपकी क्रीपी कृतिका और आज मैं आपको बताने वाली हूँ एक बहुत ही कूल एंड क्रीपी ए.आइ. ऐप के बारे में. इस ऐप का नाम है “क्रीप सॉस” और इसकी अमेज़िंग आर्टिफ़िशल इंटेलिजेन्स आपकी फ़ोटोग्राफ़्स स्कैन कर के उन्हें आपके क्रीपी अवतार में बदल सकता है….

  • THE MUSE

    THE MUSE I put my heart and soul into my work, and I have lost my mind in the process- Vincent Van Gogh Prologue दर्द से कराहते हुए उसने आखें खोलीं, उसपर अबतक बेहोशी की दवा का असर था. सर दर्द से बुरी तरह फट रहा था और आखों के आगे सबकुछ घूमता दिखाई दे…

  • Thirteen

    THIRTEEN कल्पना ने चौंक कर अपनी आखें खोली, आस-पास कुछ भी नहीं बदला था|  रात जैसे कोलतार सी स्याह और गाढ़ी हो चली थी जो रौशनी के हर वजूद के साथ कल्पना की तेज़ी से चलती साँसों को भी कतरा-कतरा कर अपने अंदर सोख लेने पर उतारू हो| कल्पना का दाहिना हाथ अनायास ही अपने…

  • James Gunn kaun hai?

    James Gunn kaun hai? दार्जीलिंग से कुर्सेओंग जाने वाली hill cart road उस तूफ़ानी रात जैसे ठाने बैठी थी कि अनाहिता को उसकी मंज़िल तक पहुँचने नहीं देगी. मूसलाधार बारिश, रात का अंधकार और पहाड़ी रास्ता एक पल के लिए भी अनाहिता की नज़रें सड़क से हटने नहीं दे रहे थे फिर भी उसने एक…

  • RAINA AT MIDNIGHT

    RAINA AT MIDNIGHT प्रस्तावना Date: 12th December 2017 Time: 12:00 a.m. घडी के कांटे रात के ठीक बारह बजा रहे थे| ‘रैना! रैना!!’ विकास बेतहाशा चिल्ला रहा था लेकिन उसकी आवाज़ जैसे किसी पत्थर से टकराई| रैना को देखकर उसके मुंह से सिसकारी निकल गई| उसके तन पर एक भी कपड़ा नहीं था, आखें सूजी हुई और जैसे शून्य में…

  • dont panic

    don’t panic निशा ने मोबाइल क्लॉक पर नज़र डाली, रात के आठ बजे रहे थे। आज ऑफिस से निकलने में उसे काफी लेट हो गया था। अभी अपार्टमेंट पहुंचने में उसे आधा घन्टा और लगना था। हालांकि उसके ऑफिस से अपार्टमेंट की दूरी महज़ पंद्रह मिनट थी यदि वो कोई टैक्सी ले लेती लेकिन निशा…