Memoir Of A Mirage

Memoir of a mirage

3rd December 2021 

डियर डायरी, 

आइ फ़ील सो ब्लेस्ड कि आयुष मेरी लाइफ़ में आया. आयुष इज़ सो डिफ़्रेंट फ़्रॉम ऑल द अदर बॉइज़! काश मुझे आयुष पहले मिल जाता, मुझे समझने वाला, मुझे टूट कर प्यार करने वाला, मेरी हर विश पूरी करने वाला…माई ओन पर्सनल विश ग्रांटिंग मशीन! थैंक यू गॉड! थैंक यू यूनिवर्स फ़ॉर सेंडिंग आयुष इन माई लाइफ़!  

25th February 2022 

डियर डायरी, 

माई लाइफ़ इज़ ए मेस! आइ फ़ील सो सफोकेटेड एं ड स्टक इन दिस रिलेशनशिप.  आयुष इज़ ए कं ट्रोल फ़्रीक! ही’ज़ स्नूपी, ओवर पोज़ेसिव, जेलस एं ड मीन! आयुष हर समय मुझ पर शक करता है. मेरा फ़ोन लॉग और मैसेजेस चेक करता है, कहाँ से आ रही हो, कहाँ जा रही हो, क़िस से बात कर रही हो, क्यों बात कर रही हो!  ऑ माई गॉड! आइ एम सो डन विद दिस रिलेशनशिप. प्लीज़ गॉड, प्लीज़ यूनिवर्स,  शो मी ए वे आउट ऑफ़ दिस शिट ऑफ़ ए रिलेशनशिप! 

23rd April 2022 

डियर डायरी, 

आइ एम सो ग्लैड दैट आइ गॉट आउट ऑफ़ ए टॉक्सिक रिलेशनशिप! आइ वॉंट टू थैंक द यूनिवर्स फ़ॉर गेटिंग हर्ष इन माई लाइफ़. हर्ष इज़ सो लविंग एं ड के यरिंग.  काश हर्ष मेरी लाइफ़ में पहले आया होता. कितना ज़्यादा प्यार करता है हर्ष मुझे!  मेरी हर बात, हर ज़रूरत का ख़्याल रखता है. माई विश इज़ हिज़ कमांड. मुझे लाइफ़ में सिर्फ़ यही तो चाहिए था, हर्ष जैसा कोई प्यार करने वाला. थैंक यू गॉड!  थैंक यू यूनिवर्स फ़ॉर सेंडिंग हर्ष इन माई लाइफ़! 

30th May 2022 

डियर डायरी, 

आइ एम सो डन गेटिंग हर्ट! आख़िर मेरे साथ ही ऐसा क्यों होता है? क्या मुझे ख़ुश रहने का हक़ नहीं? क्या मैंइतनी बुरी हूँ कि मुझे कभी सच्चा प्यार ना मिले? हर्ष ने मेरा जीना हराम कर दिया है. मेरा दम घुटता है हर्ष के साथ. मैंहँसना भूल गयी हूँ,  ख़ुश रहना भूल गयी हूँ. हर्ष के इशारों पर नाचने वाली कठपुतली बन कर रह गयी हूँ

बस. अगर मुझे हर्ष से और इस टॉक्सिक रिलेशनशिप से छुटकारा नहीं मिला तो मैं पागल हो जाऊँ गी. प्लीज़ गॉड, प्लीज़ यूनिवर्स, हेल्प मी गेट आउट ऑफ़ दिस मेस! 

22nd June 2022 

डियर डायरी,  

इतनी ख़ुश मैं पहले कभी नहीं हुई. लक्ष्य कितना स्मार्ट और हैंडसम है और कितना प्यार भी. लक्ष्य बच्चों जैसा क्यूट है, आइ कान्ट स्टॉप लविंग हिम. काश लक्ष्य मुझे पहले मिला होता. मैंने इतना प्यार आज तक किसी से नहीं किया, ना ही किसी ने मुझे इस तरह सच्चा प्यार किया है. लक्ष्य हर्ष और आयुष जैसा टॉक्सिक एं ड फ़ुल ऑफ़ नेगेटिविटी नहीं है. ही लव्ज़ मी, ट्रस्ट मी एं ड ऑल्वेज़ एं करेज मी टू बी माई बेस्ट सेल्फ़. मैं लक्ष्य के साथ बहुत-बहुत-बहुत खुश हूँ. बस एक प्रॉब्लम है, मुझे लगता है कि हर्ष और आयुष मुझे स्टॉक कर रहे हैं. ब्लडी क्रीप्स! मेरी ख़ुशियाँ दोनों से देखी नहीं जाती. आइ गेट दैट. ब्लडी लूजर्स! थैंक यू गॉड! थैंक यू यूनिवर्स फ़ॉर सेंडिंग लक्ष्य इन माई लाइफ़! 

5th August 2022 

डियर डायरी, 

माई लाइफ़ इज़ सो फ़क्ड अप! लक्ष्य को मेरी ज़रा भी परवाह नहीं, शुरू-शुरू में सब ठीक था लेकिन अब ऐसा लगता है जैसे वो हर टाइम मुझसे भागने, मुझसे पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रहा हो. वो मेरे कॉल्ज़ नहीं लेता, मैसेजेस का रिप्लाई भी नहीं करता. मिलने पर भी ऐसे दिखता है जैसे उसे मुझमें बिल्कुल इंट्रेस्ट नहीं है. आख़िर मेरा क़सूर क्या है? आंसर मी गॉड! आंसर मी यूनिवर्स! मैंने कितना टूट कर प्यार किया है लक्ष्य से, जितना आज तक किसी से नहीं किया और उसका मन भर गया है मुझसे! वो दोनों कमीने हर्ष और आयुष मेरा पीछा नहीं छोड़ रहे. मुझे हर जगह स्टॉक करते हैं. सोशल मीडिया पर फ़ेक प्रोफ़ाइल बना कर मुझे रात-दिन मैसेज और कॉल करते हैं, मैंजहां भी जाती हूँ दोनों मेरा पीछा करते हैं. कल मैंडेट पर लक्ष्य के के साथ कॉफ़ी शॉप पर थी, बाहर दूर छुपा हुआ आयुष पूरे टाइम हमें घूरता रहा. हर्ष भी कम कमीना नहीं है, पिछली रात मैंने बेडरूम विंडो से बाहर देखा, वो रात भर सड़क के पार, स्ट्रीटलाइट के पीछे अंधेरे में छुपा हुआ था और मुझ पर नज़र रख रहा था कि मैं अके ले सो रही हूँ या लक्ष्य के साथ! ब्लडी स्टॉकर! ब्लडी क्रीप! प्लीज़ गॉड, प्लीज़ यूनिवर्स, हेल्प मी गेट आउट ऑफ़ दिस मेस! 

24th August  

डियर डायरी, 

सेल्फ़ लव एं ड सेल्फ़ हीलिंग इज़ सो इम्पोर्टेंट. आइ एम सो थैंक फ़ुल टू गॉड ऑलमाइटी एं ड दिस एं टायर यूनिवर्स दैट आइ फ़ाइनली गॉट समवन हू अंडरस्टैंड्ज़ मी सो वेल. रोहन एं ड आइ आर मेड फ़ॉर ईच अदर. वी आर सोलमेट्स! जब मुझे लगा कि मेरा बदरंग, बेमायने ज़िंदगी में कु छ नहीं बचा तब रोहन मेरी लाइफ़ में आया और उसने मेरी ज़िंदगी प्यार और पॉज़िटिविटी से भर दी! अच्छा हुआ वो कमीना लक्ष्य खुद ही मुझे छोड़ कर भाग गया! हरामज़ादा! मेरी आत्मा, मेरी सेल्फ़ रेस्पेक्ट, मेरी डिग्निटी, सब कु छ घायल कर दिया था उस कमीने ने. नाउ आइ एम हीलिंग, रोहन का प्यार वो मरहम है जो मेरी आत्मा और आत्म विश्वास पर लगे घावों को भर रहा है. रोहन ने कहा है कि वो मुझे यहाँ से कहीं दूर ले जाएगा, जहां हर्ष और आयुष भी मुझे स्टॉक ना कर पाएँ. मैं इतनी ख़ुश लाइफ़ में कभी नहीं हुई. आइ एम सो हैपी एं ड ब्लेस्ड! 

6th Septemper 2022 

डियर डायरी, 

आइ वॉंट टू किल माईसेल्फ़! आइ वॉंट टू एं ड दिस मिज़रेबल लाइफ़! आइ नीड अनादर लाइफ़ फ़ॉर ए फ़्रेश स्टार्ट, मेरी ये लाइफ़ मेरे टॉक्सिक रिलेशनशिप्स और एक्स-बॉयफ़्रेंड्ज़ ने बर्बाद कर दी है. मैंने कभी किसी से बदला लेने की नहीं सोची.  आइ बिलीव्ड इन बीइं ग इनडिफ़्रेंट एं ड मूविंग ऑन इन लाइफ़! लिव एं ड लेट लिव! पर नहीं, इन सबको मिल कर मेरी लाइफ़ बर्बाद कर लेनी है. हर्ष और आयुष तो थे ही कमीने, लक्ष्य ने भी अपना असली रंग दिखाना शुरू कर दिया है. जब हम साथ थे तब उसे मेरी कोई परवाह नहीं थी और अब वो भी रात-दिन मुझे स्टॉक करते रहता है. रोहन की और मेरी लव लाइफ़ बर्बाद हो रही है. हम रात-दिन बस झगड़ते रहते हैं और इसकी वजह मेरे प्रीवीयस रिलेशनशिप्स हैं. रोहन कहता है मैं पागल हो रही हूँ, मुझे खुद भी लगता है कि मैंसच में पागल हो रही हूँ. अगर हर्ष, आयुष और लक्ष्य ने हर जगह मुझे स्टॉक करना बंद नहीं किया तो मैंपागल हो जाऊँ गी और खुद अपनी जान ले लूँगी. प्लीज़ गॉड! प्लीज़ यूनिवर्स! हेल्प मी प्लीज़!  

5th October 2022 

डियर डायरी, 

आख़िरकार गॉड और यूनिवर्स ने मेरी प्रेयर सुन ली. आइ गॉट वैभव इन माई लाइफ़ नाउ! ‘वी’ इज़ सो अडॉरेबल एं ड ही हैज़ सच हाई स्टैंडर्ड्स दैट नो वन कै न मैच!  ‘वी’ इज़ सिक्स फ़ीट थ्री! और ‘वी’ की सिर्फ़ टांगें ही लम्बी नहीं हैं डायरी, इफ़ यू नो वॉट आइ मीन. ही’ज़ सो गुड इन बेड. आइ कैन राइड हिम ऑल डे-ऑल 

नाइट लॉन्ग! ही फ़ीड्ज़ मी फ़ाइव टाइम्स ए डे. एग्ज़ॉटिक हॉलीडेज़ पर ले जाता है,  मुझे लेटेस्ट आइ फ़ोन भी दिलाया! माई विश ग्रांटिंग मशीन. आइ लव हिम सो मच.  

मुझसे आज तक इतना प्यार किसी ने भी नहीं किया. सब मतलबी थे, सबने अपने फ़ायदे के लिए, सिर्फ़ मेरे साथ सोने के लिए मेरा यूज़ किया. पर अब सब भाड़ में जाएँ, मुझे लाइफ़ में जो चाहिए था वो मिल गया. अब मैंअपनी गुजरी ज़िंदगी और अपने कमीने, टॉक्सिक एक्सेस की तरफ़ कभी मुड़ कर भी नहीं देखूँगी. आइ हैव एव्री राइट टू बी हैपी. मैंवैभव के साथ बहुत-बहुत-बहुत खुश रहूँगी. यही है मेरा सच्चा,  

पहला और आख़री प्यार. इससे पहले वाले सब मेरी भूल थे जिन्हें मैंअब भुला चुकी हूँ. लाइफ़ बस वैभव से शुरू होकर वैभव पर ही ख़त्म होगी मेरी. थैंक यू गॉड, थैंक यू यूनिवर्स! माई लाइफ़ इस फ़ाइनली ब्लेस्ड एं ड हील्ड.  

22nd November 2022 डियर डायरी,  

मैं ये एंट्री बहुत मुश्किल से छुप कर, अपनी जान बचा कर लिख रही हूँ. ‘थर्टीन रीजंस वाय’ इज़ माई मोस्ट फ़ेवरेट बुक एं ड सिरीज़. बुक की लीड कैरेक्टर हैना बेकर की तरह ही मेरी मौत….नहीं…मेरे ब्रूटल मर्डर की सच्चाई पूरी दुनिया के सामने आनी चाहिए और ये काम तुम करोगी डियर डायरी. कल रात मैं और वैभव पूरे तीन घंटों तक मेक आउट करने के बाद थक कर सोए थे, रोहन और हर्ष जाने कै से हमारे बेडरूम में घुस आए और वहीं खड़े हमें घूर रहे थे. ब्लडी क्रीप्स. मैंज़ोर से चीखी,  

वो दोनों मुझे घूर रहे थे और बहुत ही क्रीपी तरीक़े से हंस रहे थे. मैंने वैभव को जगाने की कोशिश की पर वो तो पूरी शे’वाज़ रीगल की बॉटल ख़ाली कर के सोया था. जब तक वो उठा वो दोनों भाग गए. सिर्फ़ इतना ही नहीं, जब मैं वॉशरूम में गयी तो आयुष वहाँ घुसा हुआ था. मेरे चीखने पर वो खिड़की से कू द कर भाग गया.  

और वो कमीना लक्ष्य हमारे लिए घात लगाए वॉर्डरोब में छुपा बैठा था. मेरे चीखने पर वो भी अपार्टमेंट से भाग निकला. ये सब हमें मिल कर मारना चाहते हैं. मेरी और वैभव की ख़ुशियों से जलते हैं ये. ये हमारी गृहस्थी, हमारी दुनिया कभी नहीं बसने देंगे. ये सब मिल कर मुझे पागल कर देना चाहते हैं! मैं पागल हो जाऊँ गी! मैंपागल हो रही हूँ! आज नहीं तो कल हर्ष, रोहन, आयुष और लक्ष्य मिल कर मुझे और मेरे इनॉसेंट बेबी वैभव को मार डालेंगे. अगर हमारी मौत के….नहीं…हमारी हत्या के बाद ये डायरी किसी को भी मिलती है तो वो ये बात समझ जाए कि ये किसका काम है.  

ओ गॉड! ओ यूनिवर्स! हैव मर्सी ऑन अस! 

4th December 2022 

डियर डायरी, 

दिस इज़ माई लास्ट एंट्री, आइ एम डेस्टिनी’ज़ मोस्ट हेटेड एं ड अन्लकी चाइल्ड. मुझे इस जन्म में प्यार और ख़ुशियाँ नहीं मिली, मैंने कभी किसी का बुरा नहीं किया, अपने हर टॉक्सिक से टॉक्सिक रिलेशनशिप में अपना हंडरेड पर्सेंट एफ़र्ट दिया, कभी किसी से ग्रज नहीं रखा, हमेशा माफ़ कर के आगे बढ़ने की कोशिश की. लुक वेयर इट गॉट मी! ओ गॉड! ओ यूनिवर्स! मैंआपके पास आ कर आपसे पूछूँगी कि आख़िर मेरे साथ ही ऐसा क्यों किया. 

मोक्ष ने डायरी की आख़री एंट्री पढ़ कर ख़त्म की और बेड की तरफ़ नज़र डाली.  अहिल्या शुक्ला की लाश बेड पर सीधी लेटी हुई थी, उसकी खुली और पथराई हुई आँखें छत की तरफ़ टिकी हुई थीं. अहिल्या की गर्दन पर एक तरफ़ से दूसरी तरफ़ तक गहरा घाव था. उसके कपड़े और बेडशीट ख़ून से पूरी तरह सराबोर थे. हत्यारे ने बेरहमी से उसका गला काट कर छुरा अहिल्या के खुले हुए हाथ पर ही रख दिया था.  दूधिया रंगत वाली अहिल्या अब सफ़ेद नज़र आ रही थी लेकिन अब भी उसकी सुंदरता में कोई कमी नहीं आयी थी. इतनी निर्ममता से हत्या किए जाने के बाद भी उसके मासूम चेहरे को देख कर लग रहा था जैसे वो आँखें खोल कर सोयी हुई हो. 

दो पल तक मोक्ष अहिल्या के उस मासूम चेहरे को देखता रह गया, कितना आसान था उस चेहरे की मासूमियत से प्यार कर बैठना. अहिल्या की आँखों में जो दर्द था और चेहरे पर मासूमियत, उससे तो शायद मोक्ष भी प्यार कर बैठता.  

‘डायरी पढ़ ली क्या?’ बेडरूम में आते हुए इंस्पेक्टर योगेश ने डिटेक्टिव मोक्ष से सवाल किया. मोक्ष ने सहमति में सर हिलाया. 

योगेश- ‘कितनी निर्दयता से गला रेत कर जानवरों की तरह मारा है बेचारी को! सिर्फ़ चौबीस साल की ही तो थी अभी! कितनी सुंदर! कितनी भोली और मासूम!’ 

मोक्ष कु छ ना बोला, उसने फिर से सहमति में सर हिलाया. योगेश ने आगे कहा. 

योगेश- ‘इसके लम्बू…क्या नाम है…हाँ वैभव की लाश किचेन में है. ऐसा लगता है जैसे अचानक से पीछे से वार कर के सर फोड़ दिया है. बेचारे को कु छ सोचने- समझने का मौक़ा ही नहीं मिला.’ 

हाथ में अहिल्या की डायरी लिए हुए मोक्ष बेडरूम से निकल कर किचेन की तरफ़ बढ़ा. किचेन के फ़र्श पर चारों तरफ़ खून बिखरा हुआ था. वैभव की लाश फ़्लोर पर औ ंधी पड़ी थी, सर फट हुआ था, भेजा बाहर झांक रहा था. बड़ा ही डरावना और विभत्स दृश्य था. योगेश भी मोक्ष के पीछे किचेन में आया.  

मोक्ष- ‘कातिल का कोई सुराग मिला क्या?’ 

योगेश- ‘फ़ोरेंसिक टीम आ रही है कु छ देर में. अहिल्या की डायरी में लिखी एंट्री के हिसाब से इसके पुराने आशिक़ वो साले हर्ष, लक्ष्य, रोहन और आयुष सब इसमें मिले हुए हैं. इट्स ए प्लान्ड मर्डर. ये सब के सब साले लापता हैं लेकिन कहीं भी भाग जाएँ, बचेंगे नहीं कमीने. ढूँढ निकालेंगे हरामज़ादों को.’ 

मोक्ष ने सहमति में सर हिलाया और वहाँ से आगे बढ़ गया. उस स्टूडीओ अपार्टमेंट के स्टूडीओ वाले हिस्से में पहुँचा. इंस्पेक्टर योगेश भी उसके साथ ही था. स्टूडीओ रंग बिरंगे कपड़ों और पेंटिंग्स से सजा हुआ था. चारों तरफ़ मैंनेकु इंस खड़े हुए थे जिन्हें अलग-अलग फ़ैशनेबल परिधान पहनाए गए थे. 

योगेश- ‘कुछ दिनों में बेचारी का फ़ैशन शो था, ‘ट्रैजिक-मैजिक’! क्या सही नाम रखा था. कितनी ट्रैजिक लाइफ़ थी बेचारी लड़की की, इतनी टैलंटेड थी, इतना स्ट्रगल किया उसे पर आख़िरकार उसे मिला क्या!’ 

मोक्ष ने अफ़सोस व्यक्त करने की सहमति के अन्दाज़ में सर हिलाया और अपनी ब्राउन लेदर जैकेट की पॉकेट से कैमल सिगरेट निकाल कर सुलगाई. 

मोक्ष-‘सही बात है इंस्पेक्टर! बेचारी ने अपने हर रिलेशन में अपना हंडरेड पर्सेंट दिया.  हर लड़के से इतना अटूट और सच्चा प्यार किया कि हूबहू उनके जैसा मैंनेकुइन स्कल्प्चर बना कर तैयार किया.’ 

मोक्ष स्टूडीओ में डिस्प्ले पर रखे मैंनेकु इंस की तरफ़ इशारा करते हुए बोला, इनकी शक्लें हूबहू रोहन, आयुष, हर्ष और लक्ष्य से मिल रही थीं. इंस्पेक्टर यशवंत ने अपने मोबाइल में सस्पेक्ट पिक्स ओपन की और उन मैंनेकुइंस से मिलान करते हुए बोला. 

यशवंत-‘हाँ यार मोक्ष! ये लड़की तो कमाल की टैलंटेड थी. सिर्फ़ अच्छी फ़ैशन डिज़ाइनर और पेंटर ही नहीं, ग़ज़ब की स्कल्प्टर भी थी. क्या सटीक स्कल्पचर बनाए हैंचारों के, बिल्कुल हूबहू!’ 

मोक्ष ने सहमति में सर हिलाया और सिगरेट का गहरा कश खींचते हुए बोला.  

मोक्ष- ‘बस टाइमिंग थोड़ी ऑफ़ हो गयी वरना यहाँ पर छे फ़ीट तीन इंच के ‘वी’  बेबी का स्कल्प्चर भी खड़ा होता.’ 

योगेश ने असमंजस के भाव से अपना सर खुजाते हुए पूछा. 

योगेश- ‘क्या मतलब? मैं कुछ समझा नहीं!’ 

मोक्ष मुस्कुराया और सिगरेट का धुआँ छोड़ते हुए आगे बढ़ा. वो आयुष के स्कल्प्चर के पास पहुँचा और अपने हाथ में थमी जलती हुई सिगरेट आयुष के मैंनेकुइन के हाथ से छुआ दी, कु छ देर में मैंनेकुइन की ऊपरी कोटिंग मोम की तरह पिघलने लगी और अंदर से सड़े हुआ मांस और खाल के जलने की तीव्र दुर्गंध मोक्ष और योगेश के नथुनों से टकराई. योगेश आँखें फाड़े हुए, विस्फारित नेत्रों से देख रहा था.  

योगेश- ‘ऑ माई गॉड! ओ माई गॉड! ये सब क्या है मोक्ष?’ 

मोक्ष- ‘ये रहा आपका अपराधी और लापता स्टॉकर नम्बर एक आयुष.’ 

मोक्ष सिगरेट का कश लगाते हुए इत्मिनान से एक मैंनेकु इन से दूसरे मैंनेकु इन तक जा कर उनकी ऊपरी वैक्स कोटिंग पिघला रहा था, अंदर से रोहन, लक्ष्य, और हर्ष की भी सड़ रही लाशें निकलीं. पूरा स्टूडीओ इस कदर दुर्गंध से भर गया कि वहाँ खड़ा रहना दूभर हो रहा था. मोक्ष और योगेश वहाँ से बाहर निकले. योगेश की बुद्धि अब भी घूमी हुई थी, उसे कु छ समझ नहीं आ रहा था. वो बेवक़ूफ़ों की तरह मोक्ष का चेहरा देखते हुए उससे पूछ पड़ा. 

योगेश- ‘ये सब क्या है? इन चारों को मार कर ममी के जैसे मैंनेकु इंस बना कर और डिज़ाइनर कपड़ों से सजा कर रखा है! किसका काम है ये?’ 

मोक्ष सिगरेट का गहरा कश खींचते हुए बोला. 

मोक्ष- ‘अहिल्या का!’ 

योगेश- ‘वॉट?? लेकिन…लेकिन उसकी डायरी में तो कुछ और ही लिखा है.’ 

मोक्ष- ‘अहिल्या ने डायरी में वो लिखा है जिसे वो सच मानती है, मानसिक रूप से बीमार और विक्षिप्त अहिल्या अपने भोले, खूबसूरत और मासूम चेहरे और दर्द से भरी हुई आँखों से अपने शिकार को ट्रैप करती है. कु छ समय तक दोनों का प्यार आउट ऑफ़ दिस वर्ल्ड रोमैन्स मोड पर चलता है लेकिन धीरे-धीरे लड़के को एहसास होने लगता है कि अहिल्या विक्टिम कार्ड खेल रही है, उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. इससे पहले कि वो बेचारा इस रिलेशन और अहिल्या के चंगुल से निकले वो पत्थर का सनम बन चुका होता है…फ़िगरेटिवली और उसकी जगह नया मुर्ग़ा ले लेता है.’ 

योगेश ने अपना सर पकड़ लिया. 

योगेश- ‘अरे देवा! ऐसे कै से?’ 

मोक्ष- ‘बैकग्राउंड चेक करा कर देख लो, कुछ समय पहले तक अहिल्या शुक्ला का कोई अस्तित्व नहीं था. हर बॉयफ़्रेंड के साथ ये शहर, नाम, अपनी आइडेंटिटी सब कुछ बदल देती है. इसके टार्गेट हमेशा ऐसे लड़के रहे जो पैसे वाले हों लेकिन जिनकी फ़ैमिली और सर्कल बहुत न्यूक्लीयर हो. इसे कभी किसी के परिवार ने या दोस्तों ने नहीं देखा. इसके शहर बदलने के बाद इसकी पिछली पहचान और लड़का दुनिया से कहाँ ग़ायब हो गए कोई नहीं जानता.’ 

योगेश- ‘पर ये बात तू कै से जानता है भई?’ 

मोक्ष- ‘इनमें से एक लड़के के परिवार ने अपने गुमशुदा बेटे को ढूँढने का के स पुलिस से थक-हार कर मुझे सौंपा था. जब मैंने सिमलर के स प्रोफ़ाइल्स और डेटा क्रॉस चेक करने शुरू किए तो अलग-अलग शहरों से अलग-अलग समय में ग़ायब हुए लड़कों के के स मिले हर के स के बीच लगभग तीन-चार महीनों का अंतर था.’ 

योगेश- ‘यानी तीन से चार महीने में इसका अपने बाबू-शोना से मन भर जाता और डियर डायरी में गॉड ऑल्माइटी और यूनिवर्स से गुहार लगाने के बाद बाबू-शोना का मुजस्समा बना दिया जाता.’ 

मोक्ष- ‘बिल्कुल! फिर उन मुजस्समों के साथ ये नए शहर में नए नाम और पहचान से नया और पहले से ज़्यादा पैसे वाला बकरा फाँसती. इसकी स्कल्प्चर कोटिंग कमाल की है. अगर ये सिर्फ़ वैक्स होती तो क्रैक कर जाती और लाशों की दुर्गंध छुपा नहीं पाती. लेकिन इसमें जो मिक्स्चर यूज़ किया है वो वैक्स सा स्मूद और मार्बल सा हार्ड है, तभी बिना किसी शक के ये स्कल्प्चर एक जगह से दूसरी जगह मूव किए जा सके.’ 

योगेश- ‘बस अच्छी बात ये है कि ज्वलनशील है, तुमने तो झट से पता लगा लिया.’ 

मोक्ष- ‘इतना भी क्रेडिट मत दो इंस्पेक्टर, तुक्का था, लग गया! अपने एक्स बॉयफ़्रेंड्ज़ , जिनके स्टॉक करने से तुम्हारा जीना हराम हो, तुम भला उनके ही हूबहू स्कल्प्चर क्यों बनाओगे? और क्यों अपने साथ शहर-शहर ले कर घूमोगे?’  

योगेश-‘इसी बात पर भाई एक बात बताओ! ये जो डियर डायरी में थर्टीन रीजंस वाय की हैना बेकर बनी हुई है कि ये चारों पिछले आशिक़ मिल कर इसे स्टॉक कर रहे थे. रात दिन इसका पीछा कर रहे थे, इसके घर में, बेडरूम में, बाथरूम में घुस रहे थे उसका क्या?’ 

मोक्ष ने एक गहरा कश खींचा और मुस्कुराया.  

मोक्ष- ‘गिल्टी कॉंशन्स का नाम सुना है? बड़ी ख़तरनाक चीज़ होती है, इंसान के दिमाग़ के साथ खेल कर उससे कु छ भी करा सकती है, ख़ास कर जो दिमाग़ पहले से ही जगह पर ना हो उसमें गिल्टी कॉंशन्स घर कर जाए तो इससे भयानक और कु छ नहीं हो सकता.’ 

योगेश- ‘क्या मतलब?’ 

मोक्ष- ‘अहिल्या का विक्षिप्त दिमाग़ उसके गिल्टी कॉंशन्स के साथ मिल कर बार-बार उसे हर जगह उसके उन विक्टिम्स को दिखाने लगा जिनके वो पुतले बनाए अपने साथ लिए घूम रही थी. जैसे जैसे उसके विक्टिम्स की और मैंनेकु इंस की संख्या में इज़ाफ़ा हुआ उसके पागलपन में भी इज़ाफ़ा होने लगा. अहिल्या ने अपना सच यही बनाया था कि वो बेचारी है, विक्टिम है और उसके सभी एक्सेस उसे स्टॉक कर रहे हैं लेकिन अपराध बोध से भरे अंतर्मन का दबाव अहिल्या का पागलपन से बेक़ाबू होता दिमाग़ झेल ना पाया और फिर…’ 

योगेश-‘और फिर क्या?’ 

मोक्ष- ‘वैभव के साथ भी इसका हनीमून पिरीयड ख़त्म होने पर था. अब तक वैभव को भी धीरे-धीरे समझ आ रहा था कि ये कितनी बड़ी साइको है. वैभव को धीरे-धीरे अहिल्या पर शक हो रहा था लेकिन अपने चारों तरफ़ रात-दिन नज़र आते हर्ष,  आयुष, लक्ष्य और रोहन के बाद इस फ़ेहरिस्त में वैभव का नाम जोड़ने की हिम्मत अहिल्या की नहीं थी. इसने आख़री मैमॉयर लिखा. इसके बाद वैभव को बेरहमी से मार डाला और फिर अपने पागल दिमाग़ की विक्टिम थ्योरी को वैलिडेट करते हुए इत्मिनान से लेट कर खुद ही अपना गला काट कर अपनी जान ले ली.’ 

योगेश ने माथे पर आया पसीना पोंछ.  

योगेश- ‘बाप रे! क्या खूबसूरत बला थी. किसी को भी इसकी मासूमियत पर दया और प्यार दोनों आ जाए.’ 

मोक्ष- ‘जो खुद अपनी नज़रों में दुनिया के सबसे बड़े बेचारे हों उनसे हमेशा बच कर रहना चाहिए इंस्पेक्टर. क्योंकि वो खुद अपने आप से इतना प्यार करते हैं कि लम्बे समय तक किसी और से प्यार नहीं कर सकते और किसी एक से तो बिल्कुल नहीं कर सकते.’ 

मोक्ष के हाथ में अब भी अहिल्या की डायरी थी. एक नज़र फिर उस डायरी पर डालते हुए मोक्ष ने कहा. 

मोक्ष- ‘अहिल्या शुक्ला एक मृगतृष्णा थी…एक मिराज़. इसके चक्कर में जो पड़ा वो अपनी अंतिम साँस तक इसमें फँ स के रह गया, पर ये किसी की प्यास नहीं बुझा सकती.’  

THE END 

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