Witches of Taliabagh Reborn

Written by- Nitin K. Mishra 

Assistance- Aditi Kashyap 

DISCLAIMER: The following story portrays elements of extreme horror, black comedy, nudity, racism, graphic language and violence, gaucheness, sex, and physical abuse. It is not recommended for individuals who are easily shocked or offended.

This story is entirely a work of fiction. All names, places, and events in the story are purely fictional and intended solely for entertainment. Black magic is used here only as a thematic device, we neither support nor reject its existence. Proceed to read at your own discretion. 

अस्वीकरण- प्रस्तुत कहानी में अत्यधिक विभत्सता, त्रासद-हास्य, नग्नता, सेक्स, जातिवाद, चित्रात्मक हिंसा, आपत्तिजनक भाषा शैली तथा फूहड़ता का प्रयोग किया गया है। यह कमजोर दिल वालों अथवा उनके लिए अनुशंसित नहीं है जिनकी भावनाएँ जल्द आहत होती हैं।

यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है। इसमें दर्शाए नाम, स्थान तथा घटनाएँ पूर्णतः काल्पनिक हैं और केवल मनोरंजन के उद्देश्य से रचे गए हैं। काले जादू का प्रयोग मात्र विषयगत उपकरण के तौर पर किया गया है, हम इसके अस्तित्व को ना ही समर्थन दे रहे और ना ही नकार रहे हैं। कहानी अपनी ज़िम्मेदारी पर पढ़ें।   

30th October 2025

12:34 a.m. Taliabagh 

“सूनी रातों में सुन कर तेरी आहटें…टें..टें..टें..टेंटें…जब तू ना मिली तो मैंने बदली करवटें…टेंने..टें..टें..टेंटें,”

90s के उस क्रिंज सॉंग को सैड सॉंग में ऑटो ट्यून करते सिंगर की आवाज़ में रेक्वायर्ड ठरक को डर ने रिप्लेस किया हुआ था। वो उस जंगल से जितनी जल्दी हो सके निकल जाना चाहता था। 

उसके तेज़ कदमों से सूखी टहनियों और पत्तों पर होती खड़खड़ाहट के अलावा झींगुरों का शोर और रह-रह कर आती उल्लुओं की हूक गाने में बैकग्राउंड साउंड इफ़ेक्ट ऐड कर रहे थे। इन आवाज़ों के अलावा कोई भी एक्स्ट्रा साउंड उसपर ऐड्वर्स इफ़ेक्ट डालते हुए सुरों को गाने से डीमोट कर के बार-बार रोने की जेनरल कैटेगरी में शिफ़्ट कर देता। 

उस सिंगर को रह-रह कर आभास होता जैसे कोई उसका पीछा कर रहा है। उसके चलने और गाने की स्पीड बढ़ जाती। 

सिंगर ने पीछे मुड़ कर देखा। घना सुनसान जंगल जैसे उसे घूर रहा था। वो वापस मुड़ा और तेज़ी से भागने लगा। 

“ये सिंगर तो अपने बिखरते सुरों से भी तेज़ भाग रहा है। अपने गाने से आग लगाने मुंबई जाना चाहता है शायद। इसको दर्शन दे दें क्या?”

“अभी नहीं। चुपचाप इसके पीछे चलो। इसे हमारे होने का पता नहीं चलना चाहिए,” घने जंगल के अंधकार से दो साये उस भागते सिंगर को घूर रहे थे। 

“ह्मफ़-ह्मफ़…यहाँ ज़रूर कोई है,” सिंगर की घिग्घी बंध रही थी।   

एक गिरे हुए मोटे पेड़ के पीछे से कुछ अजीब सी आवाज़ें उभरीं। ना चाहते हुए भी “सिंगर” का ध्यान और कदम उस तरफ़ मुड़ गए। 

तने के पीछे ज़ोरदार हलचल हो रही थी। एक साया तने के पीछे यूँ नज़र आता और लोप होता जैसे 

“फ़ुल-थ्रॉटल” स्क्वैट्स कर रहा हो। 

डर के आगे हमेशा जीत नहीं होती, कभी-कभी क्युरिऑसिटी का कीड़ा भी होता है। सिंगर की क्युरिऑसिटी किसी भी क्यूरियस कैट को कॉम्प्लेक्स देने की हद तक बढ़ चुकी थी, और खुद सिंगर, उस मोटे तने की ओर। 

स्क्वैट्स करता साया किसी लड़की का था, जिसके गले से अजीब आवाज़ें उभर रही थी। 

“आह्ह…अहह..उफ़्फ़…ह्मफ़..” 

ऐसा लग रहा था जैसे उसपर किसी प्रेत आत्मा का क़ब्ज़ा हो। 

लड़की का शरीर पागलों के मानिंद अपने खुले बाल झटकते हुए, कमान सा पीछे मुड़ा, नई क्रिकेट बॉल सा ज़बरदस्त उछाल ले रहा था।    

“जाओsss…हम को तो आती शर्म हैsss…” सिंगर का गाना रोने से अब मिमियाने की ओर अग्रसर हुआ। 

स्क्वैट्स लगाता साया अचानक रुक गया। 

“हू द फ़क इज़ ब्रेइंग इन द मिडल ऑफ़ द नाइट,”

सिंगर ने तने के पीछे झांक कर देखा। 

“ओह! दीदी लेट नाइट वर्क-आउट कर रही हैं,”

“ई..ई..ई..sss” 

किसी को तने के पीछे से झांकता देख स्क्वैट्स करती लड़की अपनी कमर पर झूल रहे ट्यूब टॉप को ऊपर ब्रेस्ट पर खींचने की नाकाम कोशिश करते हुए चीखी। 

“ड…डरो मत दीदी…आई मीन डरो…पर मुझसे मत डरो…ये जंगल स्क्वैट्स करने के लिए सेफ़ नहीं है…” लड़की के ब्रेस्ट को बिना ज़ूम टेलिफ़ोटो लेंस के स्कैन करते हुए सिंगर बोला। 

“तू है कौन हरामी के पिल्ले?” एक मर्दाना गरजदार आवाज़ उभरी। 

एक पल को सिंगर को लगा कि लड़की पर वाक़ई किसी प्रेतात्मा का साया है जो लड़की के अंदर से बोल रही है, फिर उसने नीचे झांक कर देखा। 

“ओह…दीदी के नीचे भईया भी हैं,” 

उसे नीचे लेटा लड़का नज़र आया जिसके ऊपर लड़की काउ-गर्ल पॉज़िशन में राइड कर रही थी। 

“गेट लॉस्ट यू फ़किंग क्रीप!” 

लड़की अपने कपड़े ठीक करते हुए लड़के के ऊपर से उठते हुए चीखी। 

लड़का भी अपने अंडरवेयर और डेनिम ऊपर चढ़ाते हुए उठा और सिंगर की ओर लपका। 

“इतनी मुश्किल से स्कोर करने का चान्स मिल था। तूने ऐन टाइम पर ‘जिज़्ज़ आउट” कर दिया। छोड़ूँगा नहीं तुझे,”

सिंगर अपनी जान लेकर वहाँ से भागा। लड़का उसके पीछे जाता लेकिन लड़की ने उसे रोक लिया।

“लेट हिम गो रिको! मुझे डर लग रहा। हमें यहाँ से निकलना चाहिए,”  

“बट व्हॉट अबाउट थ्रिल बेब्स? हमने डिसाइड किया था कि इस मोमेंट को मेमोरेबल बनाएँगे। इसीलिए तो इस स्पूकी फ़ॉरेस्ट में आए…मैं तो वो मर्सी कॉटिज में करना चाहता था…क़सम से मज़ा आ जाता,”

“शट-अप रिको! नाम भी मत लो उस मनहूस जगह का। उसके तो आस-पास भी नहीं फटकना। ये जंगल भी सेफ़ नहीं है,” लड़की ने फ़ाइनली अपना ट्यूब टॉप सही जगह पर चढ़ाया और अंधेरे में झाड़ियों में खो गई अपनी पैंटी ढूँढते हुए बोली।

“तुम बिना बात के डरती हो ऐबी। कोई भूत-चुड़ैल नहीं होते। ये विचेस ऑफ़ टालियाबाग सब बकवास है जो लोगों ने अर्बन लेजेंड की तरह हैलोवीन पर सुनाने के लिए बना ली। अकेला अतृप्त भूत यहाँ है,” रिको अपनी टांगों के बीच पॉइंट करता बोला। 

“विचेस ऑफ़ टालियाबाग कोई झूठी गप्प नहीं है रिको। शैली मर्सी सच में थी। मर्सी कॉटिज में आज तक जो भी गया वो कभी वापस नहीं आया,” ऐबी के शरीर ने झुरझुरी ली। 

“अब क्या करें? यहाँ तो दो लोग और हैं। उस सिंगर के पीछे जाएँ या इन दोनों के?”

“ये दो लोग हैं। सिंगर अकेला है। उसके पीछे ही जाते हैं। वहाँ जैकपॉट हिट करने के चैन्सेज़ ज़्यादा हैं,” सिंगर का पीछा करते दोनो साये सारा घटनाक्रम देख रहे थे। 

“भाग-भाग डी.के. बोस…डी.के. बोस…डी.के. बोस…भाग-भाग डी.के. बोस डी.के. भाग,” सिंगर चिल्लाते हुए भाग रहा था, या भागते हुए चिल्ला रहा था पता नहीं लेकिन दोनों ही सूरतों में उसके फेफड़ों की सास और गुर्दे की हिम्मत अब जवाब दे रही थी। 

“ह्मफ़-ह्मफ़…मुझे इस जंगल से नहीं आना चाहिए था। गलती हो गई…बहुत बड़ी गलती…” सिंगर ने अपने दोनों हाथ घुटने पर रखे और आगे की ओर झुक कर हाँफते हुए खुद में बड़बड़ाया। 

“आह्ह…अहह…अहह…” उसके आस-पास से फिर सिसकारियों की हल्की आवाज़ उभरी। 

“आएँ! ये दीदी डरी हुई हैं या ठरकी हुई हैं…ये भईया-दीदी मेरे पीछे-पीछे आ कर स्क्वैट्स क्यों कर रहे हैं?” सिंगर क्लूलेस था। उसकी सीमित तर्कशक्ति भी उसका साथ छोड़ती प्रतीत हुई। 

“आह्ह…अहह…अहह…हह्ह…म्ममम्म..” आवाज़ें तेज़ हुई। वो प्लेज़र मोन्स थीं या दर्द में डूबी कराहें ये कह पाना मुश्किल था। 

“ये आवाज़ पहले वाली से डिफ़्रेंट है,” सिंगर ने सीधा हो कर गर्दन उचकाई, जैसे सुनने की कोशिश कर रहा हो। 

 “आह्ह…अहह…अहह…हह्ह…म्ममम्म..” 

“इस बार ऐसा लग रहा जैसे दो लड़कियाँ हैं। पर समझ नहीं आ रहा कि मज़े में हैं या मातम में,” सिंगर ने अपना सिर खुजाते हुए खुद से कहा। 

“जो भी है मुझे क्या! मुझे भागना चाहिए,”        

अब तक उसकी साँसें संतुलित हो चुकी थीं। सिंगर दोबारा तेज़ी से भागने लगा। वो जितनी तेज़ भागता उतना ही उसे एहसास होता कि दो साये उसका पीछा कर रहे हैं। वो बार-बार रुकता, पीछे मुड़ कर देखता, जब कोई दिखाई ना देता तो फिर से भागने लगता।  

“आह्ह…अहह…अहह…हह्ह…म्ममम्म..”

वो सिसकारियाँ जैसे उसके साथ-साथ भाग रही थीं। वो जितना ही उनसे दूर भागने की कोशिश करता, उतना ही ऐसा लग रहा था जैसे वो उसके क़रीब आ रही हों। 

“ह्मफ़…अब तो गाना भी नहीं सूझ रहा…बस..बस…थोड़ी दूर और, फिर इस जंगल से निकल जाऊँगा,” सिंगर खुद को ढाढ़स बँधाते हुए बोला। 

थोड़ा आगे बढ़ने पर उसे एक पेड़ के नीचे बैठे दो साये नज़र आए। साये दो लड़कियों के थे जिनकी पीठ सिंगर की ओर थी। दोनों साये एक-दूसरे से लिपटे हुए सिसक रहे थे। 

“क…कौन हो तुम दोनों? रास्ता भूल गई हो क्या?” सिंगर ने हिम्मत करते हुए पूछा। 

उसे कोई जवाब ना मिला। दोनों साये बिना कुछ बोले, एक-दूसरे से लिपटते रहे। उनके जिस्म काँप रहे थे। 

सिंगर पर एक बार फिर कैट को कॉम्प्लेक्स देने वाली क्युरीऑसिटी सवार हुई। दबे कदमों से चलते हुए वो उन दोनों की तरफ़ बढ़ा। 

“सुनाई नहीं दे रहा क्या?” सिंगर दोनों के सामने आया। 

“ओह” फ़ौरन ही उसके चेहरे के एक्स्प्रेशन बदले। 

दोनों लड़कियाँ एक-दूसरे को बेतहाशा चूम रही थीं। दोनों के लेदर ब्लाउज़ खुले हुए थे और हाथ एक-दूसरे की स्कर्ट के अंदर थे। दोनों एक-दूसरे में इस कदर गुत्थम-गुत्था थीं कि या तो उन्हें वहाँ किसी और की उपस्थिति का एहसास ना था या फिर परवाह ना थी।  

“अरे यार, ये यंग छोकरा-छोकरी लोग घर पर घपा-घप क्यों नहीं करते,” सिंगर उन दोनों को देखते हुए खुद में बुदबुदाया। पीछे जो नजारा देख कर वो आया था वो अब तक उसके दिमाग़ में केमिकल लोच कर रहा था जिसमें मौजूदा मिश्रण अलग लेवल के डोप का काम कर रहा था। सिंगर की साँसें उस रात कुछ ज़्यादा ही ओवरटाइम कर रही थीं। इस बार साँसों को ओवरटाइम करवाने का दोषी डर नहीं उत्तेजना थी। 

“आर यू जस्ट गोन स्टैंड देयर एंड वॉच, ऑर आर यू कमिंग टू जॉइन द फ़न?” अचानक दोनों लड़कियों ने अपना चेहरा सिंगर की ओर घुमाया और सेडक्टिवली बोलीं। 

जैसा कि पहले कहा गया था, डर के आगे हमेशा जीत नहीं होती। डर के आगे अक्सर क्युरीऑसिटी होती है, और अगर क्युरीऑसिटी ना हो तो डर के आगे ठरक तो डेफ़िनिट्ली होती है और फ़िलहाल सिंगर के डर पर ठरक और क्युरीऑसिटी की डबल मार पड़ी थी।   

“ओके, आई डोंट माइंड,” सिंगर अपने कंधे उचकाता बोला और लड़कियों की तरफ़ बढ़ गया। 

“तुम दोनों कितनी अच्छी हो। फ़्रेंड्ली भी हो। वो पीछे वाले कपल बड़े बदतमीज़ थे,” सिंगर दोनों को जॉइन करते हुए बोला। 

“श्श्श्श…बहुत बोलते हो तुम,” लड़कियों ने सिंगर को चुप करने के लिए अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए। 

तीनों के होंठ आपस में गुत्थम-गुत्था हो गए। लड़कियों ने उसके दोनों हाथ अपनी स्कर्ट के अंदर सरका दिए। लड़कियों के हाथ उसकी डेनिम अन्बटन करने लगे।    

“जंगल से आधी रात में गुजरना इतना भी बुरा नहीं था। वैसे सुनो, इस जंगल में ख़तरा है। तुम दोनों मेरे साथ चलो। मेरा घर जंगल से निकलते ही, बिल्कुल पास में है और मैं बिल्कुल अकेला रहता हूँ,” सिंगर की आँखें ऊपर रोल होते हुए स्वतः बंद होने लगीं। उसकी डेनिम और अंडरवेयर उसके घुटनों के नीचे अटकी हुई थीं और दोनों लड़कियों के सिर उसकी टांगों के बीच तेज़ी से आगे-पीछे हो रहे थे। 

अचानक जंगल में कहीं सरसराहट हुई। 

“ह…हम…मेरे घर चलते हैं ना,” सिंगर सकपकाते हुए बोला। 

“उससे अच्छा तुम हमारे साथ हमारे घर चलो,” उनमें से एक लड़की अपना चेहरा ऊपर उठाते हुए बोली। 

“तुम्हारा घर कहाँ है?”

“मर्सी कॉटिज,” लड़की के चेहरे के एक्स्प्रेशन चेंज हुए। 

“आह्ह…आहिस्ता…दांत लग रहे हैं…” सिंगर कसमसाया। 

लड़कियों पर कोई असर ना हुआ। 

“त…त..तुम मज़ाक़ कर रही हो ना? मर्सी कॉटिज में कोई नहीं रहता…आह्ह…दांत हटाओ…अरे काट ही डालोगी क्याsss..” सिंगर की सिसकारियाँ चीख़ में बदल गई। 

दोनों लड़कियाँ सिंगर से जोंक की तरह चिमट गयीं। सिंगर बुरी तरह चीखा। एक ऊँचे पेड़ के पीछे से दो साये निकले। 

“जल्दी कर जिमी, अगर और लेट किया तो सिंगर का लिंग परिवर्तन कर के लड़कियाँ उसे अपनी सिज़र सिस्टर गैंग में एनरोल कर लेंगी, चैन कुली की मैन कुली की चैनsss” रस्टी चिल्लाते हुए उन तीनों की ओर भागा।

“रस्टी मामा ऐसे नहीं…” जिमी चिल्लाते हुए उसके पीछे भागा। 

इस कोलाहल से चौंकते हुए लड़कियों ने अपने चेहरे ऊपर उठाए। उनके चेहरे सफ़ेद हो गए थे और उनपर बंजर ज़मीन सी दरारें पड़ गई थीं। उनके कैनाइन ख़ंजरों जैसे नुकीले और बड़े हो कर बाहर आ गए थे। अपने शिकार में आए विघ्न से वो बुरी तरह चिढ़ गई और किसी हिंसक जानवर सी चिंघाड़ती हुई रस्टी पर झपटीं। रस्टी ने एक सूखे पेड़ का तना उठा कर उन पर उछाल दिया।

“क्रैकsss कड़डsss” दोनों से टकरा कर तना यूँ टुकड़े-टुकड़े हो गया जैसे ग़त्ते का बना हो। 

“आईsss…” सिंगर मुश्किल से अपनी डेनिम ऊपर चढ़ाता हुआ रस्टी और जिमी की ओर भागा। 

“क्या बात है सिंगर मेरे…क्या डेडिकेशन है। गान फटे तो फटे, गाना ना हटे। अब क्यों नहीं गा रहा?” रस्टी सिंगर को ऊपर से नीचे तक घूरते हुए बोला। 

“तुम! तुम तो वही हो जिसने मुझे आधी रात इस जंगल से जाने का चैलेंज दिया था ये बोल के कि अगर मैंने आधी रात को अकेले जंगल पार कर लिया तो तुम मुझे गाने के लिए मुंबई का टिकट दिलवाओगे,” सिंगर रस्टी को देख कर चौंकते हुए बोला। 

“ह..हाँ…दूँगा ना मुंबई की टिकट, तू पक्का आग लगा देगा…क्या नाम है तेरा?”

“सुंदर,”

“नहीं, वो तो नहीं है तू…नाम बता नाम,”

“मेरा नाम ही है…सुंदर,”

“अच्छा…सुंदर सा है नाम तेरा, समझ गया मैं। पर अब अपना सुंदर सा नाम तो बता,”

“अरे मेरा नाम सुंदर है,”

“अबे, दिमाग़ सच में टांगों के बीच था क्या जिसे चुड़ैलों ने लड्डुओं के साथ गुल्ल कर दिया! नाम बता अपना नाम!”

“अबे मेरा नाम सुंदर है…सुंदर सिंगर!” सिंगर चिल्लाया! 

दोनों चुड़ैलें सुंदर और रस्टी पर झपटीं। ठीक उसी समय जिमी ने अपने कैमरे का फ़्लैश उनकी आँखों पर चमकाते हुए फ़ोटो ली। चुड़ैलों की आँखें चुंधिया गई। 

“आई कैंट बिलीव दिस, रस्टी मामा। आपने झूठ झाँसा देकर इसको आधी रात जंगल से जाने के लिए तैयार किया!” जिमी रस्टी को घूरते हुए बोला। 

“हाँ तो तूने ही बोला था ना कि कोई चाहिए जिसको बेट बना के जंगल में भेजा जाए चुड़ैलों को फाँसने को। मैं तो खुद जाने को रेडी था,” रस्टी मासूमियत से बोला, “आख़िर दोनों चुड़ैल सही पर हैं तो सेक्सी…अरे कहाँ गई?”

दोनों लड़कियाँ ग़ायब हो चुकी थीं। 

“अपना प्लान फेल होते देख ग़ायब हो गयीं,” जिमी चारों ओर नज़रें घुमाते हुए बोला। 

“अरे वो सिंगर सुंदर भी भागा जा रहा है, पता नहीं बेचारे के लड्डू सलामत बचे या नहीं। गान के सुर तो पक्का बिखर गए हैं,” रस्टी ने दूर भागे जाते सिंगर को देखते हुए कहा। 

“उसे जाने दो मामा, उन पिछले कपल्स की तरह ये सिंगर भी अब सेफ़ है। अब कल रात से पहले चुड़ैलें हमला नहीं करेंगी। हमारे पास कल रात तक का समय है इन चुड़ैलों का सच दुनिया के सामने लाने के लिए,” 

“तो मर्सी कॉटिज चलें क्या?” रस्टी एक्सायटेड होते हुए बोला। 

“चलेंगे। लेकिन पहले मुझे अर्ली मॉर्निंग एडिशन के लिए खींचे हुए फ़ोटोग्राफ़ और विचेस ऑफ़ टालियाबाग पर आर्टिकल प्रेस में भेजना है। उसके बाद हम पहले सुबह कॉलेज चलेंगे, जहां के स्टूडेंट्स तीन साल पहले मर्सी कॉटिज से ग़ायब हुए थे। उसके बाद टालियाबाग सेंट्रल लाइब्रेरी, जहां से मर्सी कॉटिज और शैली मर्सी की इन्फ़र्मेशन लेने और फिर उसके बाद मर्सी कॉटिज,” जिमी अपना आई-पैड निकालते हुए बोला। 

“बढ़िया! मतलब कहानी इस साल भी ख़त्म नहीं हो रही,” रस्टी मायूसी से कंधे उचकाता बोला। 

जिमी आँख मारते हुए मुस्कुराया,

“अब हम आ गए हैं हाँ, फटाफट निपटा देंगे!”

॰॰॰

Similar Posts

  • Kaama & Karma

    Kaama & Karma रति-‘जिन एंड टॉनिक. रिपीट.’ रति अपनी आवाज़ शोर से ऊँची रखने की भरसक कोशिश करते हुए बोली. बार्टेंडर ने सर हिलाया और रति को ड्रिंक सर्व करने लगा. उस रात नाइट क्लब में भीड़ काफ़ी ज़्यादा थी. रति ने एक नज़र डान्स फ़्लोर की तरफ़ डाली. किसी बेसुरे से, तेज़ बेस और…

  • BHOOTSANGH NAYAKAM AADI PARVA

    A NIMITT KALANTRI MYSTERY BY: NITIN K. MISHRA CO-WRITER & DESIGNER: ADITI VATSALA KASHYAP CREATIVE CONSULTANT- RIBHU CHOPRA अस्वीकरण  इस कहानी के सभी पात्र, घटनाएँ व स्थान  काल्पनिक हैं। इनका किसी भी जीवित अथवा मृत व्यक्ति से कोई संबंध नहीं है, ऐसा होना मात्र एक संयोग है। कहानी का उद्देश्य किसी भी धर्म, जाति या…

  • He Loves Me “Not”

    HE LOVES ME “NOT” नितिन के. मिश्रा Prologue हौंडा सिटी के पहियों की सड़क पर ज़ोरदार रगड़ की आवाज़ रात के सन्नाटे में दूर तक गूंजी। सुनसान खाली स्याह सडक पर गाड़ी किसी फनिहर नाग की भाँति लहरा रही थी। साफ़ ज़ाहिर था कि कार चालक या तो अपनी औकात से अधिक पिए हुए था…

  • Tantrapuram

    PROLOGUE   1847 A.D.   East India Company Ruled India   Kabini Forest Area, Karnataka.   ‘पगला गए हो क्या! दिमाग़ दुरुस्त नहीं है? देर रात गए, घनघोर वर्षामेंकहाँआसरा मिलेगा?’  ‘कदम बढ़ातेरह मीनाक्षी, इस वन सेपरे, पश्चिम दिशा मेंकारापुरा के समीप तांत्रिकों का एक छोटा सा ग्राम है. हमेंवहाँअवश्य शरण मिलेगी.’  ‘तुम्हारेलिए कहना आसान हैपुरुराज, तुम्हारेगर्भका अंतिम माह नहीं…

  • A Mid Summer Nightmare

    A Mid Summer Nightmare “बहुत घुटन है…बर्दाश्त से ज़्यादा…” (ह्मफ़) “और अंधेरा…घुप्प अंधकार,” उसने लड़खड़ाते हुए कदम आगे बढ़ाए तो हड्डियों में तीव्र दर्द की लहर दौड़ गयी। “नो-नो-नो..अभी नहीं,” उसने झुंझलाते हुए खुद से कहा और एक बरगद के पेड़ का सहारा लिया। नाक से खून की दो बूँदें निकल कर उसकी बाईं हथेली…

  • THE KNOWN STRANGER

    THE KNOWN STRANGER बाहर से रह-रह कर पटाखों के धमाके का शोर और बच्चों की किलकारियाँ सुनाई दे रही थीं। आरात्रिका किसी पुराने ब्लैक एंड वाइट फ़िल्म के गाने की धुन गुनगुनाते हुए आटा गूँथने में व्यस्त थी। उसने घड़ी की ओर देखा। युवान को अब तक वापस आ जाना चाहिए था। यम दिया निकालने…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *